बनारस न्यूज डेस्क: वाराणसी में ट्रैफिक जाम से राहत और बेहतर कनेक्टिविटी के लिए केंद्र सरकार ने दो बड़ी परियोजनाओं—गंगा एलिवेटेड कॉरिडोर और वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर—को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि करीब 25 हजार करोड़ रुपये की लागत वाली इन परियोजनाओं से शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह बदल जाएगी। इनका निर्माण वर्ष 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
इन कॉरिडोर के बनने से प्रयागराज, जौनपुर, लखनऊ, गाजीपुर, चंदौली, मिर्जापुर और बिहार की ओर आने-जाने वाले वाहनों को शहर के भीतर जाम में फंसने की जरूरत नहीं पड़ेगी। बाहरी वाहन सीधे अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे, जिससे वाराणसी की सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव काफी कम होगा।
गंगा एलिवेटेड कॉरिडोर
गंगा नदी के समानांतर बनने वाला यह 46 किलोमीटर लंबा छह लेन एलिवेटेड कॉरिडोर एनएच-19 को वाराणसी रिंग रोड से जोड़ेगा। इसके जरिए अस्सी घाट, मणिकर्णिका घाट, नमो घाट और काशी विश्वनाथ धाम तक पहुंच पहले से कहीं आसान होगी। जहां अभी कई मार्गों पर एक घंटे तक का समय लगता है, वहीं इस कॉरिडोर के बनने के बाद सफर करीब 20 मिनट में पूरा हो सकेगा। इस सड़क पर वाहनों की अधिकतम रफ्तार 100 किमी प्रति घंटा तक रखने की योजना है।
इस परियोजना को गंगा और उसके घाटों की प्राकृतिक सुंदरता को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा। इसमें केबल-स्टेड ब्रिज, पर्यटकों के लिए व्यू प्वाइंट, दर्शक गैलरी और गंगा पार करने के लिए तीन पैदल झूला पुल भी बनाए जाएंगे। नमो घाट पर डबल डेकर संरचना विकसित होगी, जिसमें ऊपर रेलवे लाइन और नीचे छह लेन हाईवे होगा।
यह कॉरिडोर विश्व सुंदरी पुल से शुरू होकर सामने घाट, रामनगर, नमो घाट होते हुए वाराणसी रिंग रोड के गंगा पुल तक पहुंचेगा। इसकी अनुमानित लागत 12,600 करोड़ रुपये है।
वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर
करीब 43.2 किलोमीटर लंबा वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर शहर के भीतर ट्रैफिक कम करने के उद्देश्य से बनाया जाएगा। यह हरहुआ-राजातालाब रिंग रोड क्षेत्र से शुरू होकर नमो घाट तक जाएगा और एनएच-31 को वाराणसी रिंग रोड से जोड़ेगा।
इस परियोजना में लगभग 21.15 किलोमीटर का फोर लेन लिंक कनेक्टर और बाकी हिस्से में छह लेन एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाएगा। इसके साथ कई फ्लाईओवर, रैंप, लूप और लिंक रोड भी विकसित किए जाएंगे। इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 11 हजार करोड़ रुपये है।
कई गांवों से होकर गुजरेंगे कॉरिडोर
दोनों परियोजनाओं के लिए कई गांवों की जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया प्रस्तावित है। गंगा एलिवेटेड कॉरिडोर समना, डोमरी, रामनगर, भगवानपुर, नगवा, नदेसर और सुजाबाद समेत कई गांवों से होकर गुजरेगा। वहीं वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर वाराणसी सदर और पिंडरा तहसील के करीब 41 गांवों को कवर करेगा।
शहर को मिलेंगे कई बड़े फायदे
इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद वाराणसी में ट्रैफिक जाम काफी हद तक कम होगा। बाहरी जिलों और राज्यों से आने वाले लोग बिना शहर के भीड़भाड़ वाले रास्तों में फंसे सीधे अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। साथ ही काशी विश्वनाथ धाम, नमो घाट और अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी। इससे पर्यटन, व्यापार और शहर के समग्र विकास को भी नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।